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21 तरीकों से शिशॠका वजन बà¥à¤¾à¤à¤‚ (बेहद आसन और घरेलॠतरीके)
बहà¥à¤¤ आसन घरेलॠतरीकों से आप अपने शिशॠका वजन बà¥à¤¾ सकती हैं। शिशॠके पहले पांच साल बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होते हैं। ये à¤à¤¸à¤¾ समय है जब शिशॠका शारीरिक और बौदà¥à¤§à¤¿à¤• विकास अपने चरम पे होता है। इस समय शिशॠके विकास के रफ़à¥à¤¤à¤¾à¤° को बà¥à¤°à¥‡à¤• लग जाये तो यह कà¥à¤·à¤¤à¤¿ फिर जीवन मैं कà¤à¥€ पूरी नहीं हो पायेगी।
शिशॠका वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ का बेहद आसन और घरेलॠतरीका
कà¥à¤¯à¤¾ आप इस बात से परेशान हैं की आप के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन नहीं बॠरहा है?
कà¥à¤¯à¤¾ आप को यह लगता है की आप के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन growth chart (बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन चारà¥à¤Ÿ) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नहीं बॠरहा है?
कहीं आप के बचà¥à¤šà¥‡ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने यह तो नहीं कहा की आप का बचà¥à¤šà¤¾ वजन में कम है या कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ है?
अगर à¤à¤¸à¥€ बात है तो आप जरूर चाहेंगी उन आहारों के बारे में पता लगाना जो आप के बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‡ और उसका वजन बà¥à¤¾à¤¯à¥‡à¥¤
आहार जो बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ शिशॠका वजन
कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ चमतà¥à¤•ारी आहार हैं जो बहà¥à¤¤ कम समय में आप के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾ सकते हैं। ये आहार हैं उनमें से कà¥à¤› आहारों के नाम ये हैं - दूध, दही, देशी घी, शकà¥à¤•र कंध, मास, मछली और अंडा। ये आहार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले आहारों में गिने जाते हैं।
चलिà¤, हम इन सà¤à¥€ के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से चरà¥à¤šà¤¾ करते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ का वजन जनà¥à¤® के समय बà¥à¤¤à¤¾ घटता है
नवजात शिशॠजनà¥à¤® के कà¥à¤› दिनों के अंदर अपना कà¥à¤› वजन खोता है। यह साधारण बात है और यह सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ होता है।
बचà¥à¤šà¥‡ का वजन जनà¥à¤® के समय बà¥à¤¤à¤¾ घटता है
लेकिन नवजात शिशॠजनà¥à¤® से 14 दिनों के अंदर अपने जनà¥à¤® के समय (birth weight) के वजन को वापस पा लेता है।
अगले 3 से 4 महीने में शिशॠअपने जनà¥à¤® के वजन (birth weight) का दà¥à¤—à¥à¤¨à¤¾ हो जाता है।
à¤à¤• साल का होते होते शिशॠअपने जनà¥à¤® के वजन (birth weight) का तीनगà¥à¤¨à¤¾ हो जाता है।
अगर आप के शिशॠका आहार ठीक-ठाक है और वो बाकि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तरह कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² है लेकिन फिर à¤à¥€ उसका वजन ठीक तरह नहीं बॠरहा है तो आप इस लेख में जान सकेंगी की किस तरह आप को अपने बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
आहारों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बढ़ाना
शिशॠका आहार जो बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ का वजन। जी हाठ- आहार शिशॠका वजन बà¥à¤¨à¥‡ बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। लेकिन सà¤à¥€ आहार शिशॠका वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में à¤à¤• सामान योगदान नहीं देते हैं। कà¥à¤› आहार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद हैं और कà¥à¤› कम।
आहारों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बढ़ाना
जब मेरा शिशॠदो साल का हà¥à¤† तो मà¥à¤à¥‡ à¤à¥€ उसके वजन को लेकर चिंता हà¥à¤ˆà¥¤ पहले साल उसके वजन को लेकर कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं थी। पहले साल मेरे बचà¥à¤šà¥‡ का वजन growth chart (बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन चारà¥à¤Ÿ) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ठीक ठाक बà¥à¤¾à¥¤ मà¥à¤à¥‡ ख़à¥à¤¶à¥€ थी की मै अपने बचà¥à¤šà¥‡ का खà¥à¤¯à¤¾à¤² ठीक तरह से रख रही हूà¤à¥¤
लेकिन,
दà¥à¤¸à¤°à¥‡ साल से मेरे बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कम होने लगा। बहà¥à¤¤ मेहनत के बाद à¤à¥€ उसका वजन नहीं बॠरहा था। यह बात मà¥à¤à¥‡ अंदर से परेशान करने लगी। में बहà¥à¤¤ दà¥à¤–ी रहने लगी। जो à¤à¥€ रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° घर आते, बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत के बारे में पूछते।
लोग पूछते की बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ हो गया है? कà¥à¤¯à¥‹à¤ वो इतना कमजोर दिख रहा है?
अब में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ बताती?
सठकà¥à¤› तो कर रही थी।
यह बहà¥à¤¤ ही परेशान करने वाली बात थी? मैं अंदर से परेशान थी और लोग पूछ पूछ कर और परेशान कर रहे थे।
मà¥à¤à¥‡ अंदर से लगता था की जैसे लोग मेरी परवरिश पे ऊà¤à¤—ली उठा रहे हैं। मेरा आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¶ कम हो रहा था और मै अपने बचà¥à¤šà¥‡ को लेकर बहà¥à¤¤ चिंतित थी।
इसी दौरान मेरी मà¥à¤²à¤¾à¤•ात à¤à¤• शिशॠविशेषजà¥à¤ž से हà¥à¤ˆà¥¤ ये डॉकà¥à¤Ÿà¤° हमारे शहर के पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ असà¥à¤ªà¤¤à¤• से कà¥à¤› ही दिनों पहले रिटायर हà¥à¤ थे।
जब मैंने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी चिंता का विषय बताया तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बहà¥à¤¤ ही शांति से जवाब दिया।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा की इसमें चिंता करने की बात नहीं है। बस - बचà¥à¤šà¥‡ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤¤ छमता को कैसे दरà¥à¤¸à¥à¤¤ करें, इस पे धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। शिशॠको अगर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वरà¥à¤§à¤• आहार दिया जाये और उसमे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गà¥à¤£à¥‹à¤‚ का विकास किया जाये तो वो à¤à¥€ तंदरà¥à¤¸à¥à¤¤ हो सकता है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• बात और कहा की बचà¥à¤šà¥‡ की वजन को लेकर बहà¥à¤¤ परेशान होने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है कà¥à¤¯à¥‹à¤à¤•ि बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बहà¥à¤¤ बातों पे निरà¥à¤à¤° करता है। उदहारण के लिठअनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकी पे जिसपे आप का कोई नियंतà¥à¤°à¤£ नहीं है।
शिशॠका वजन और उसका विकास दो बिलकà¥à¤² अलग बातें हैं!
डाकà¥à¤Ÿà¤° जी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हमे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के वजन के आधार पे उसके विकास को नहीं मापना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤¸à¤¾ इस लिठकà¥à¤¯à¥‚ंकि बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बहà¥à¤¤ सी बातों पे आधारित होता है जिस पे आप का कोई नियंतà¥à¤°à¤£ नहीं है - जैसा की बचà¥à¤šà¥‡ की अनà¥à¤µà¤‚शकी पे।
शिशॠका वजन और उसका विकास दो बिलकà¥à¤² अलग बातें हैं
अगर बचà¥à¤šà¥‡ के माà¤-बाप की लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ कम है, तो जाहिर है की बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ à¤à¥€ कम होगी।
बचà¥à¤šà¥‡ के विकास को सही तरह से केवल growth chart यानी की विकास चारà¥à¤Ÿ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही नापा जा सकता है।
बचà¥à¤šà¥‡ का वजन माà¤-बाप की चिंता का मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾ विषय है।
अगर आप के बचà¥à¤šà¥‡ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤° में दूध मिल रहा है और वो दिन में कम से कम 6 से 8 बार अपना डायपर गिला का रहा है तथा उसे दिन मैं कई बार पॉटी (potty) तो यह इस बात को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है की बचà¥à¤šà¥‡ का विकास ठीक तरह से हो रहा है।
बचà¥à¤šà¥‡ का वजन माà¤-बाप की चिंता का मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾ विषय है
जैसे जैसे बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा होगा उसे पॉटी (potty) कम होगा। हो सकता है की कà¥à¤› दिनों के बाद उसे पॉटी तीन दिनों में à¤à¤• बार हो। यह बिलकà¥à¤² normal सी बात है।
अपने आप से यह सवाल पूंछे
अगर आप का शिशॠछेह महीने से छोटा है तो आप इन सवालों के सहारे यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर सकती हैं की आप के बचà¥à¤šà¥‡ का विकास ठीक तरह से हो रहा है या की नहीं। यह सवाल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है अगर आप का बचà¥à¤šà¤¾ पूरी तरह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ पे निरà¥à¤à¤° है। नोट: छेह महीने से कहते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को केवल माठका दूध ही देना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ आप को यह लगता है की सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के जरिये मिलने वाला आप का दूध आप के शिशॠके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है।
आप कितनी देर तक अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाती हैं और कितनी बार?
कà¥à¤¯à¤¾ आप का शिशॠactive दीखता है और कà¥à¤¯à¤¾ वो दूध पिने के बाद संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ दीखता है?
अपने आप से यह सवाल पूंछे
अगर आप का शिशॠछेह महीने से बड़ा है तो आप को अपने शिशॠको दिन में तीन बार देना चाहिà¤à¥¤ इसके साथ साथ दिन में कम से कम दो बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ करना चाहिà¤à¥¤ जब तक की आप का शिशॠà¤à¤• साल का ना हो जाये आप उसे ठोस आहारों के साथ-साथ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ कराती रहें।
शिशॠका वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले आहार
चलिठअब बात करते हैं उन साधारण से दिखने वाले चमतà¥à¤•ारी आहारों के बारे में जो अशà¥à¤šà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤œà¤¨à¤• रूप से आप के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¨à¥‡ की छमता रखते हैं।
इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दो वरà¥à¤—ों में बंटा गया है:
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले आहार
छेह महीने से बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¨à¥‡ वाले आहार
शिशॠका वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले आहार
बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले आहार
जैसे की हम पहले ही बात कर चà¥à¤•े हैं की छेह महीने से छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के आलावा कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं दिया जाना चाहिà¤à¥¤ अगर आप के बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के जरिये मिलने वाला दूध उसके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं है तो आप तà¥à¤°à¤‚त शिशॠविशेषजà¥à¤ž से संपरà¥à¤• करें। अगर शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤° में दूध नहीं मिल पा रहा है तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के डोकà¥à¤Ÿà¤° सही उपये बताà¤à¤à¤—े।
छेह महीने से छोटे बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ ही à¤à¤• मातà¥à¤° जरिये जिससे की उसके वजन को बढाया जाये। बचà¥à¤šà¥‡ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤° में दूध पिलायें। माठका दूध बचà¥à¤šà¥‡ के लिठबहà¥à¤¤ ही पोषक आहार है। यह बचà¥à¤šà¥‡ को वो सारे पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ उस अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है जो शिशॠके समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ विकास के लिठबहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। माठका दूध बचà¥à¤šà¥‡ को आसानी से पच à¤à¥€ जाता है।
बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले आहार
अगर छेह महीने से छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤° में दूध मिल रहा है तो उसका वजन सही अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में बढेगा। माठका दूध बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¤® आहार है।
जब आप का बचà¥à¤šà¥‡ छेह महीने से बड़ा हो जाये तो आप बचà¥à¤šà¥‡ में ठोस आहार की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कर सकती हैं। बचà¥à¤šà¥‡ में ठोस आहार की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करते वकà¥à¤¤ तीन दिवसीय नियम का पालन अवशà¥à¤¯ करें।
अब बात करते हैं à¤à¤¸à¥‡ आहारों की जो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ तरीके से आप के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¨à¥‡ में आप की सहायता करेंगे।
छेह महीने (6 months) से बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¨à¥‡ वाले आहार
छेह महीने से बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¨à¥‡ वाले आहार
अब जब आप का बचà¥à¤šà¤¾ छेह महीने से बड़ा हो गया है तो आप उसे निचे दिठआहार खिला सकती हैं। सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में ये बहà¥à¤¤ ही साधारण आहार लगेंगे लेकिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का जवान बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ की इनमें विलकà¥à¤·à¤£ ताकत है।
1. केला है उरà¥à¤œà¤¾ का अदà¤à¥à¤¤ सà¥à¤°à¥‹à¤¤
केला पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उरà¥à¤œà¤¾ का अदà¤à¥à¤¤ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। केवल à¤à¤• केले से बचà¥à¤šà¥‡ को 100 कैलोरी से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उरà¥à¤œà¤¾ मिलता है। केले में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤¯à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, पोटैशियम, डाइट फाइबर, विटामिन C और B6 à¤à¥€ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤° में मिलता है।
केला उन आहारों में से à¤à¤• है जो शारीर को तà¥à¤°à¤‚त उरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने में सकà¥à¤·à¤® है। यह बहà¥à¤¤ आसानी से पच à¤à¥€ जाता है। पà¥à¤°à¥‡ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आप कहीं à¤à¥€ जाइये, केला à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ फल है जो हर जगह आसानी से उपà¥à¤²à¤‚ध हो जाता है। इससे शिशॠके लिठआहार बनाना à¤à¥€ बहà¥à¤¤ आसन है। यही वजह है की सफ़र के दौरान बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकेला सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¤® आहार है।
केला है उरà¥à¤œà¤¾ का अदà¤à¥à¤¤ सà¥à¤°à¥‹à¤¤
केले को आप बहà¥à¤¤ आसानी से कहीं à¤à¥€ ले à¤à¥€ जा सकती हैं। बस दो केला लीजिये, रà¥à¤®à¤¾à¤² में लपेटिये, अपने परà¥à¤¸ में रखिये, और कई घंटो के लिठअपने शिशॠके आहार को लेकर निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ हो जाइये। ना अलग से टिफिन डबà¥à¤¬à¤¾ लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता और ना ही ये सोचने की की बचà¥à¤šà¥‡ को आहार कहाठऔर किस तरह खिलाया जाये।
अपने शिशॠको आप केला कई तरह से खिला सकत हैं। जैसे की आप केले की smoothies, shakes, cakes या puddings बना के शिशॠको दे सकती है। और अगर आप को कà¥à¤› à¤à¥€ ना समठआये तो बस केले को छील कर बचà¥à¤šà¥‡ को खाने के लिठदे सकती हैं।
2. गाठका शà¥à¤¦à¥à¤§ देशी घी
गाठके शà¥à¤¦à¥à¤§ देशी घी में पोषण बहà¥à¤¤ ही घनिषà¥à¤Ÿ मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। इसी लिठशिशॠका वजन बà¥à¤¨à¥‡ के लिठयह à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही बेहतरीन आहार है।
गाठका शà¥à¤¦à¥à¤§ देशी घी
जैसे ही आप का शिशॠआठमहीने (8 months) का होता है आप उसे देशी घी दे सकती हैं। शिशॠको देशी घी देने के लिठउसके आहार में देशी घी के कà¥à¤› बूंद डाल सकती हैं। जैसे की उसके खिचड़ी में या रोटी में लगा के। जैसे-जैसे आप का बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा होगा आप देशी घी की मातà¥à¤° बà¥à¤¾ सकती हैं।
गाठके शà¥à¤¦à¥à¤§ देशी घी में वासा की मातà¥à¤° बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है, इसी लिठबचà¥à¤šà¥‡ को देशी घी बहà¥à¤¤ ही सिमित मातà¥à¤° में दें। यह जानने के लिठकी किस उरà¥à¤® में बचà¥à¤šà¥‡ को कितना देसी घी आप दे सकती हैं - यह लेख पà¥à¥‡à¤‚।
3. सेहत से à¤à¤°à¤ªà¥‚र रागी
रागी बहà¥à¤¤ ही पोषक और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤µà¤°à¥à¤§à¤• है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठतो ये बेहतरीन आहार है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤° में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फाइबर, विटामिन B1, B2, और दà¥à¤¸à¤°à¥‡ बहà¥à¤¤ से मिनिरलà¥à¤¸ (खनिज) मिलते हैं जो शिशॠके शारीरिक और मानसिक विकास के लिठबहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है।
सेहत से à¤à¤°à¤ªà¥‚र रागी
बचà¥à¤šà¥‡ रागी को बहà¥à¤¤ आसानी से पचा लेते हैं। शिशॠका वजन बà¥à¤¨à¥‡ के लिठआप शिशॠके आहार में रागी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। बचà¥à¤šà¥‡ रागी का हलवा बड़े चाव से खाते हैं। इसके आलावा आप बचà¥à¤šà¥‡ को रागी का खिचड़ी à¤à¥€ बना के खिला सकती हैं।
4. वजन बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ दही
दही में दूध का वासा और पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ होता है। तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से देखा जाये तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दूध की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में दही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसानी से पच जाता है।
दही शिशॠको उसके विकास के लिठजरà¥à¤°à¥€ सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ सही अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में पहà¥à¤‚चता है। इससे शिशॠको à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤° में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, विटामिनà¥à¤¸ और मिनिरलà¥à¤¸ मिलता है।
वजन बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ दही
दही शिशॠका रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• छमता à¤à¥€ बà¥à¤¤à¤¾ है और अगर बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो उससे à¤à¥€ आराम दिलाता है।
शिशॠरोग विशेषजà¥à¤ž इस बात की राय देते हैं की जब बचà¥à¤šà¤¾ 7 महीने या 8 महीने का हो जाये तब आप उसे दही देना शà¥à¤°à¥‚ करें।
शिशॠदूध में उपलबà¥à¤§ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को बहà¥à¤¤ आसानी से digest नहीं कर सकता है। लेकिन दही बनà¥à¤¨à¥‡ के दौरान, fermentation पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में दूध का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ इस तरह से टूटता है जिसे की बचà¥à¤šà¥‡ का पाचन तंतà¥à¤° आसानी से पचा लेते है।
आप दही से शिधू के लिठकई तरह के आहार बना सकती हैं,जैसे की curd rice, smoothies, buttermilk या fruit-flavored curd (दही)।
5. ओटà¥à¤¸ (Oats) रखे पाचन तंतà¥à¤° को दरà¥à¤¸à¥à¤¤
ओटà¥à¤¸ में फाइबर à¤à¤°à¤ªà¥‚री से होता है। इस वजह से यह शिशॠको कबà¥à¤œ नहीं होने देता है और उसके पाचन तंतà¥à¤° को दरà¥à¤¸à¥à¤¤ रखता है। ओटà¥à¤¸ में saturated fat और cholesterol की मातà¥à¤° बहà¥à¤¤ कम होती है। साथ ही यह आयरन, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, जिंक, थिअमिने (thiamine) और फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ का à¤à¥€ बेहतरीन सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है।
ये सà¤à¥€ खनिज बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में तो यौगदान देते ही हैं, साथ ही वजन का सही अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ à¤à¥€ बनाये रखने में मदद करते हैं।
ओटà¥à¤¸ (Oats) रखे पाचन तंतà¥à¤° को दरà¥à¤¸à¥à¤¤ oats baby food
आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को ओटà¥à¤¸ उसके आहार में कई तरह से दे सकती हैं। जैसे की आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को ओटà¥à¤¸ का डोसा, खीर, खिचड़ी, कà¥à¤•ी (cookies) या बस दूध में मिला के à¤à¥€ खिला सकती हैं।
6. आलू दे तंदरà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€
आलू वो आहार है जो आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को ठोस आहार शà¥à¤°à¥‚ करते है पहले दिन से खिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं। इसमें सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤° में होता है। सरल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š को आप कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤¯à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ कह सकà¥à¤¯à¤¤à¥€ हैं। इससे शिशॠको उरà¥à¤œà¤¾ मिलता है।
बचà¥à¤šà¥‡ बहà¥à¤¤ चंचल होते हैं। दौड़ना, à¤à¤¾à¤—ना और खेल कूद के लिठबचà¥à¤šà¥‡ को ढेरों उरà¥à¤œà¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ती है। ये उरà¥à¤œà¤¾ शिशॠको कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤¯à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ से ही मिलती है।
mashed potatoes are weight gain food for children आलू दे तंदरà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤¯à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ के साथ-साथ आलू में अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤° में विटामिन C और B6 और अनेक पà¥à¤°à¤•ार के मिनिरेलà¥à¤¸ जैसे की फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, मैनगनिस होता है।
आलू से शिशॠआहार बनाना बहà¥à¤¤ आसन है। आप जो à¤à¥€ आहार शिशॠके लिठबना रही हैं, जैसे की खिचड़ी, दाल या सबà¥à¤œà¥€, आप उसमे आलू छील के डाल सकती हैं।
आप चाहें तो अपने शिशॠको आलू उबल कर के उसका चोखा बना के à¤à¥€ शिशॠको दे सकती हैं। इसमें आप सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठदेशी घी के कà¥à¤› बूंद à¤à¥€ मिला सकती हैं।
आलू बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बहà¥à¤¤ आसानी से पच जाता है। इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अलेरà¥à¤œà¥€ होने की à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कम समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है।
यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का पसंदीदा आहार में से à¤à¤• है। बचà¥à¤šà¥‡ आलू को बहà¥à¤¤ पसंद से खाते हैं।
7. शकà¥à¤•रकंद (Sweet Potatoes)
आलू की ही तरह शकà¥à¤•रकंद को à¤à¥€ आप शिशॠको ठोस आहार शà¥à¤°à¥‚ करते ही दे सकती हैं। यह बहà¥à¤¤ ही पोषक आहार है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आसानी से पच जाता है। आप इसे उबल कर और आलू की तरह मैश कर के बचà¥à¤šà¥‡ को खिला सकती हैं।
शकà¥à¤•रकंद (Sweet Potatoes) बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ का वजन sweet potato helps children gain weight
शकà¥à¤•रकंद (Sweet Potatoes) पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का à¤à¤‚डार है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को विटामिन A (जिसे beta carotene à¤à¥€ कहते हैं), विटामिन C, कॉपर, मनगनिस, पोटैशियम, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ और विटामिन B6 मिलता है। इसके आलावा बचà¥à¤šà¥‡ को dietary fiber à¤à¥€ मिलता है।
8. दाल बनाये मास पेशियाठ(muscles)
दाल (pulses) में बहà¥à¤¤ कैलोरी होती है, जिस वजह से यह बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में बहà¥à¤¤ सहायक है। अगर आप का बचà¥à¤šà¤¾ छेह महीने से बड़ा हो गया है तो आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को मूंग दाल का soup बना के दे सकती हैं। आप चाहें तो बचà¥à¤šà¥‡ को डाल का पानी à¤à¥€ दे सकती हैं।
pulses helps children gain weight and build muscles mass
मूंग का दाल और उरद का दाल बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बहà¥à¤¤ आसानी से पच जाता है। इसमें पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ बहà¥à¤¤ होते हैं, साथ ही इससे शिशॠको पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और पोटैशियम à¤à¥€ मिलता है। दाल में वासा की मातà¥à¤° बहà¥à¤¤ कम होती है और फाइबर बहà¥à¤¤ होता है।
दाल बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बहà¥à¤¤ तरीके से दिया जा सकता है। आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दाल की खिचड़ी, दाल का soup, या दाल का हलवा बना के दे सकती हैं। शिशॠआहार तयार करने के लिठआप निचे दिठदाल की कà¥à¤› recipes देख सकती हैं:
मसूर दाल की खिचड़ी बनाने की विधि - शिशॠआहार
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• दाल और सबà¥à¤œà¥€ वाली बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खिचड़ी
पांच दालों से बनी सेहत से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खिचड़ी
9. अवोकाड़ो (Avocado) सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वासा से यà¥à¤•à¥à¤¤
अवोकेडो में दो चीज़ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤° में है - सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वासा और फाइबर। इसके साथ यह बचà¥à¤šà¥‡ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ (essential) मिनरलà¥à¤¸ और विटामिनà¥à¤¸ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। आप शिशॠको छेह महीने होते ही अवोकेडो दे सकती हैं।
अवोकाड़ो (Avocado) सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वासा से यà¥à¤•à¥à¤¤ avacado is packed with health fat for weight gain
अवोकेडो को कई तरह से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दिया जा सकता है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में आप अवोकेडो को पीस के (puree) या आलू के चोखे की तरह मैश कर के खिला सकती हैं।
इसके आलावा आप अगर आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठshakes, smoothies या desserts बना रही हैं, तो आप उसमे अवोकेडो मिला सकती हैं ठीक उसी तरह जिस तरह से ice-cream मिलाया जाता है।
10. खिचड़ी तो बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ शिशॠका वजन
शिशॠमें ठोस आहार शà¥à¤°à¥‚ करते वकà¥à¤¤ खिचड़ी उन आहारों में से à¤à¤• है जो शिशॠको सबसे पहले दिया जाता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‚ंकि छेह महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का पाचन तंतà¥à¤° पूरी तरह से विकसित नहीं होता है। लेकिन खिचड़ी इतना सरल है की इसे पचाने के लिठशिशॠके पाचन तंतà¥à¤° पे कोई बल नहीं पड़ता है। यह छेह महीने के शिशॠमें à¤à¥€ आसानी से पच जाता है।
खिचड़ी तो बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ शिशॠका वजन helps baby gain weight
खिचड़ी में चावल और दाल के साथ साथ आधा चमà¥à¤®à¤š गाठका शà¥à¤¦à¥à¤§ देशी घी à¤à¥€ डाल देने से शिशà¥-आहार का ना केवल जायेका बà¥à¤¤à¤¾ है बलà¥à¤•ि यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ आहार में तबà¥à¤¦à¥€à¤² हो जाता है जो शिशॠके वजन को बहà¥à¤¤ ही कम समय में बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ की छमता रखता है।
सबसे अचà¥à¤›à¥€ बात ये है की इस आहार को शिशॠबहà¥à¤¤ चाव से खाते हैं।
11. अंडा है पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤¾
अंडे में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ बहà¥à¤¤ घनिषà¥à¤Ÿ मातà¥à¤° में होता है। कà¥à¤¯à¤¾ आप को पता है की आप की मास-पेशियाठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की बनी हैं। जिस तरह से घर को बनाने के लिठईटों की जरà¥à¤°à¤¤ पड़ती है, उसी तरह से शारीर को मास-पेशियौं को बनाने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
जब शारीर को अंडे से उचà¥à¤š गà¥à¤£à¤µà¤¤à¤¾ वाला पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मिलता है तो मास-पेशियौं का विकास बहà¥à¤¤ तेज़ गति से होने लगता है। यही कारण है की जो लूग वजन बà¥à¤¨à¥‡ के लिठGYM जाते हैं, वे कई अंडे à¤à¥€ हर दिन खाते हैं।
egg helps children gain weight
जब बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤• साल से बड़े हो जाà¤à¤ तब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हर दिन à¤à¤• अंडा खिलने से उनके वजन में बढौतरी होती है।
शिशॠके शारीरिक विकास के लिठअंडे के और à¤à¥€ बहà¥à¤¤ से फायेदे है। अंडा choline का बहà¥à¤¤ ही अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। यह choline शिशॠके तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° और दिमागी नियंतà¥à¤°à¤£ मैं बहà¥à¤¤ सहायक है।
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अंडे से अलेरà¥à¤œà¥€ हो सकता है। शिशॠको पहली बार अंडा देते समय तीन दिवसीय नियम का पालन अवशà¥à¤¯ करें। अगर अंडा देने से शिशॠमें अलेरà¥à¤œà¥€ के कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखे तो तà¥à¤°à¤‚त डाकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
यह à¤à¥€ पà¥à¥‡à¤‚:
6 Month के शिशॠको कितना अंडा देना चाहिà¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अणà¥à¤¡à¥‡ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कितनी होती है
शिशॠमें अंडे की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पहचान किस तरह करें
12. बटर - मकà¥à¤–न
बटर या मकà¥à¤–न शिशॠके शारीरिक विकास के लिठबहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। शिशॠके दिमागी विकास के लिठतो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥-वासा तो सबसे जरà¥à¤°à¥€ है।
मकà¥à¤–न वासा का सबसे घनिषà¥à¤Ÿ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। सच बात तो ये है की मकà¥à¤–न शिशॠको वो सारे पà¥à¤°à¤•ार के वासा को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है जो उसके तेज़ शारीरिक वृदà¥à¤§à¤¿ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। जैसे की cholesterol, Vitamin A और essential fatty acids - जी हाà¤, - कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² à¤à¥€ शिशॠके विकास के लिठबहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है।
बटर - मकà¥à¤–न बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन
à¤à¤• उमà¥à¤° के बाद कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² हानिकारक हो सकता है, लेकिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास के लिठतो ये बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है।
बस à¤à¤• बात का शयन रहे की शिशॠको जरà¥à¤°à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मकà¥à¤•न ना मिले। शिशॠका सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है, लेकिन अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• मोटा होना à¤à¥€ ठीक नहीं है। यूठकहें की मोटा होना अनेक बिमारियौं की जड़ है।
बस à¤à¤• चाय की चमच à¤à¤° मकà¥à¤–न हर दिन शिशॠके विकास के लिठबहà¥à¤¤ है। आप अपने शिशॠको मकà¥à¤–न उसके आहार में जैसे की खिचड़ी, दाल, सूजी का हलà¥à¤†, या सूप में मिला के खिला सकती हैं।
13. पूरा गेहूं - Whole Wheat
पूरा गेहूं यानी की बिना चलनी से छाना हà¥à¤† गेहूं। इस गेहूं में (Whole Wheat) में चोकर होता है जो की पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है और जिसमे फाइबर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होता है।
अगर हम पà¥à¤°à¥‡ गेहूं (Whole Wheat) में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के बारे में बात करें तो इसमें फाइबर के साथ-साथ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट, जिंक, आयरन, और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है। ये सà¤à¥€ ततà¥à¤¤à¥à¤µ à¤à¤¸à¥‡ हैं जो शरीर को जरà¥à¤°à¤¤ पड़ता है शिशॠका वजन बà¥à¤¨à¥‡ के लिà¤à¥¤
wheat also helps children gain weight
गेहूं से शिशॠका वजन तो तà¥à¤°à¤‚त नहीं बà¥à¥‡à¤—ा लेकिन यह à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ तरीका है शिशॠका वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिà¤à¥¤
शिशॠजब दस महीने (10 months) का हो जाये तà¤à¥€ उसे गेहूं से बने आहार दें। à¤à¤¸à¤¾ इस लिठकà¥à¤¯à¥‹à¤à¤•ि कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में गेहूं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अलेरà¥à¤œà¥€ होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती जो बà¥à¤¤à¥‡ उमà¥à¤° के साथ कम होती जाती है।
शिशॠको गेहूं से बने आहार देते समय आहार के तीन दिवसीय नियम का पालन अवशà¥à¤¯ करें। गेहूं से बने आहार देने के बाद अगर आप को शिशॠमें कोई à¤à¥€ à¤à¤²à¥‡à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ दिखे तो तà¥à¤°à¤‚त बिना समय गवाà¤à¤‚ डॉकà¥à¤Ÿà¤° की राय लें।
14. फलों का जूस
अकà¥à¤¸à¤° आप ने पà¥à¤¾ होगा विशेषजà¥à¤ž इस बात पे जोर देते हैं की फलों के रस की बजाये, उनका smoothie बना के पीना चाहिà¤à¥¤ इससे मोटापा कम होता है।
लेकिन जब बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¤¾ हो तो फलों जूस à¤à¤• बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª à¤à¥€ है। फलों के जूस में कैलोरी की कोई कमी नहीं होती है। इसमें पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं जैसे की विटामिनà¥à¤¸, मिनरलà¥à¤¸ और फाइबर।
फलों का जूस दे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ताकत और बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ वजन
यह उन माà¤-बाप के लिठबहà¥à¤¤ ही बà¥à¤¿à¤¯à¤¾ विकलà¥à¤ª है जिनके बचà¥à¤šà¥‡ फलों को खाना पसंद नहीं करते हैं।
आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठघर पे ही फलों का जूस बना सकती हैं। फलों का जूस बनाने के लिठआप संतरे, आनर, अनà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸ का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। आप इन सबके अलग अलग जूस बना के अपने बचà¥à¤šà¥‡ को पीला सकती है या सबको मिला के à¤à¥€ जूस बना के बचà¥à¤šà¥‡ को पीला सकती हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठजूस बनाते वकà¥à¤¤ आप को अलग से उसमे चीनी डालने की कोई जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है। आप जूस का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठफलों के अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में बदलाव कर सकती हैं जैसे की संतरे और आनर का मिशà¥à¤°à¤£à¥¤
15. मछली पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की रानी है
मछली सही मायने में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की रानी है कà¥à¤¯à¥‹à¤à¤•ि मछली बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है जो उसे किसी दà¥à¤¸à¤°à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ से नहीं मिल पायेगा। उदहारण के लिठशिशॠको मछली से विटामिन D मिलता है जो उसे jaundice (पीलिया)
से बचता है। मछली से शिशॠको omega-3 fatty acids à¤à¥€ मिलता है। यह शिशॠके दिमाग के विकास के लिठबहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
मछली पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ fish provides omega-3 fatty acids and vitamin D for quick weight gain of children
मछली à¤à¤• मातà¥à¤°à¤¾ आहार है जिससे शिशॠको विटामिन D और omega-3 fatty acids मिलता है।
मगर,
à¤à¤• बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे। मछली खरीदते वकà¥à¤¤ à¤à¤¸à¥€ मछली खरीदें जिस में mercury (पारा) की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो।
à¤à¤• और महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बात। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मछली से à¤à¤²à¥‡à¤°à¥à¤œà¥€ होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ को पहली बार मछली खिलते वकà¥à¤¤ आहार के तीन दिवसीय नियम का पालन करें। शिशॠको मछली खिलने के बाद अगर शिशॠमें कोई à¤à¤²à¥‡à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ दिखे तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
16. गाठका दूध दे शकà¥à¤¤à¤¿
à¤à¤• साल से बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गाठका दूध दिया जा सकता है। गाठका दूध बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन चमतà¥à¤•ारी रूप से बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ की छमता रखता है। तà¤à¥€ तो 20 किलो का बछड़ा, छह महीने में 100 किलो का हो जाता है।
इससे बचà¥à¤šà¥‡ को वो सबकà¥à¤› मिलता है जो वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठजरà¥à¤°à¥€ है। जैसे की कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤ के विकास के लिà¤, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मास पेशियोठके विकास के लिà¤, कà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विटामिनà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸ शिशॠके all round डेवलपमेंट के लिà¤à¥¤
गाठका दूध दे शकà¥à¤¤à¤¿ और बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन
à¤à¤• साल से बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हर दिन कम से कम दो गिलास दूध देना चाहिà¤à¥¤
अगर आप के बचà¥à¤šà¥‡ को सादा दूध पसंद नहीं है तो आप उसे कई तरीकों से परोस सकती हैं। उदहारण के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को दूध का शेक बना के दे सकती हैं, जैसे की चॉकलेट शेक, फà¥à¤°à¥‚ट शेक इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤
17. पनीर है बà¥à¤¿à¤¯à¤¾
पनीर इस लिठबà¥à¤¿à¤¯à¤¾ है कà¥à¤¯à¥‹à¤à¤•ि इसमें गाठके दूध के सà¤à¥€ गà¥à¤£ विधमान है। जैसे की कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन A, विटामिन D, विटामिन B12 और फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸à¥¤
जब शिशॠआठमहीने (8 months) का हो जाये आप तà¤à¥€ से उसे पनीर दे सकती हैं। मगर दूध बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• साल के बाद ही दें।
यह à¤à¤• बेहतरीन आहार विशेषकर उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठजिनà¥à¤¹à¥‡ वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को पनीर छोटे-छोटे टà¥à¤•ड़े में काट के à¤à¥€ दे सकती हैं, Finger Food की तरह। इससे बचà¥à¤šà¥‡ के खाने के आदत का à¤à¥€ विकास होगा।
पनीर है बà¥à¤¿à¤¯à¤¾ helps increase childrens weight
पनीर उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥€ दिया जा सकता है जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गाठके दूध से à¤à¤²à¥‡à¤°à¥à¤œà¥€ है। लेकिन फिर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को पहली बार पनीर देते समय आहार के तीन दिवसीय नियम का पालन अवशय करें। पीर देने के बाद अगर शिशॠमें किसी à¤à¥€ à¤à¤²à¥‡à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ दिखे तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
18. जैतून का तेल (Virgin Olive oil)
जैतून के तेल में सही अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में good fatty acids पाया जाता है जो शिशॠका वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठजरà¥à¤°à¥€ है। इसमें अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤° में antioxidants और phytonutrients à¤à¥€ मिलता है।
जैतून का तेल (Virgin Olive oil)
कोशिश करें की शिशॠका आहार हमेशा जैतून का तेल (Virgin Olive oil) में ही पकाया जाये। यह तेल दà¥à¤¸à¤°à¥‡ वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ तेलों से बेहतर है।
जैतून का तेल (Virgin Olive oil) से शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ गोरी और खूबसूरत बनेगी।
19. सूखे मेवे (Dry Fruits)
सूखे मेवे जैसे की काजू, बादाम, अखà¥à¤°à¥‹à¥œ, चिरौंजी, पिसà¥à¤¤à¤¾ से शिशॠको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वासा का लाठमिलता है। सूखे मेवे खाने से शिशॠका वजन बहà¥à¤¤ तेज़ी से बà¥à¤¤à¤¾ है।
Important Note: यहाठदी गयी जानकारी की सटीकता, समयबदà¥à¤§à¤¤à¤¾ और वासà¥â€à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥â€à¤šà¤¿à¤¤ करने का हर समà¥â€à¤à¤µ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है । यहाठसà¤à¥€ सामगà¥à¤°à¥€ केवल पाठकों की जानकारी और जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨ के लिठदी गई है। हमारा आपसे विनमà¥à¤° निवेदन है कि यहाठदिठगठकिसी à¤à¥€ उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकितà¥â€à¤¸à¤• से अवशà¥â€à¤¯ संपरà¥à¤• करें। आपका चिकितà¥â€à¤¸à¤• आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकलà¥â€à¤ª नहीं है। अगर यहाठदिठगठकिसी उपाय के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से आपको कोई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ हानि या किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का नà¥à¤•सान होता है तो kidhealthcenter.com की कोई à¤à¥€ नैतिक जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ नहीं बनती है।
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